रायपुर, 24 जुलाई । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के मदन नगर कोल माइंस में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में एक डीएसपी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए। घायलों में कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे ग्रामीण
पुलिस प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह राजस्व विभाग की टीम और भारी संख्या में पुलिस बल मदन नगर पहुंचा था। टीम एसईसीएल की प्रस्तावित नई खदान के लिए अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने गई थी।
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और मौके पर बड़ी संख्या में जमा हो गए। पुलिस का आरोप है कि विरोध कर रहे ग्रामीणों ने अचानक लाठी, डंडे और पत्थरों से हमला कर दिया।
हमले में डीएसपी समेत कई जवान घायल
अचानक हुए हमले से पुलिस बल में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इस दौरान कई जवान गिरकर घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना में डीएसपी राजेश जोशी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की करीब पांच बसों और कई प्रशासनिक वाहनों में भी तोड़फोड़ की।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर के एएसपी मौके पर पहुंचे। इसके बाद आसपास के पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। फिलहाल इलाके में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है।
सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने मुआवजे को लेकर उठाए सवाल
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एसईसीएल की ओर से प्रस्तावित मुआवजा वर्तमान समय के हिसाब से काफी कम है।
ग्रामीणों के अनुसार, असिंचित भूमि के लिए करीब 8 लाख रुपये प्रति एकड़ और सिंचित भूमि के लिए 10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर लगभग 12 साल पुरानी है। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने अभी तक मुआवजा स्वीकार नहीं किया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बातचीत के बजाय भारी पुलिस बल के साथ उनकी जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश की, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण और कब्जे की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी। वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन पहले मुआवजे और अन्य मुद्दों पर बातचीत करे।






