दुमका: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत के आवास पर शनिवार को वन विभाग की टीम ने छापेमारी की। दुमका के महुआ डंगाल स्थित उनके घर पर हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व आईएफएस ट्रेनी पुष्कर काले कर रहे थे। टीम विवेक राउत के भतीजे पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला।
कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध
वन विभाग की टीम सुबह झारखंड पुलिस के साथ विवेक राउत के घर पहुंची। छापेमारी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। इनमें दुमका जिला परिषद सदस्य चिंता देवी भी शामिल थीं। लोगों ने कार्रवाई का कारण बताने की मांग की।
करीब डेढ़ घंटे तक स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच बातचीत होती रही। इसके बाद वन विभाग की टीम के कुछ अधिकारी घर के अंदर जाकर जांच की। करीब 10 मिनट की तलाशी के बाद अधिकारी बाहर निकले और बताया कि उन्हें कुछ नहीं मिला।
सॉ मिल मामले में गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी टीम
दुमका डीएफओ सात्विक व्यास ने बताया कि पिछले वर्ष 13 जून को वन विभाग ने लालजी पटेल एंड कंपनी सॉ मिल के संचालन को लेकर कार्रवाई की थी। आरोप है कि उस दौरान पंकज राउत और मिल संचालक जयपाल राउत ने वन कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और सरकारी काम में बाधा डाली थी।
डीएफओ के अनुसार, इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोनों को आरोपी बनाया गया है। इसी मामले में पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम पहुंची थी, लेकिन वह घर पर मौजूद नहीं मिला। पंकज राउत विवेक राउत के रिश्ते में भतीजे बताए जा रहे हैं।






