नई दिल्ली। गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए बेहद खास और संवेदनशील होता है। इस दौरान मां का खानपान सीधे गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। डॉक्टरों के अनुसार प्रेग्नेंसी में पौष्टिक और संतुलित आहार लेना जितना जरूरी है, उतना ही कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना भी आवश्यक है।
कच्चा पपीता
पपीता का कच्चा रूप गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसमें मौजूद लेटेक्स यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन को बढ़ा सकता है, जिससे समय से पहले लेबर पेन या गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है।
ज्यादा नमक
अधिक नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर और शरीर में सूजन की समस्या हो सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान चेहरे, हाथ और पैरों में सूजन मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
चाइनीज फूड
अधिक मात्रा में चाइनीज फूड खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाला मोनो सोडियम ग्लूटामेट (MSG) बच्चे के विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
कच्चा अंडा
अंडा का कच्चा सेवन फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसमें मौजूद सालमोनेला बैक्टीरिया गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।
फ्रोजन फूड और आर्टिफिशियल स्वीटनर
फ्रोजन फूड में कई जरूरी विटामिन जैसे विटामिन C, B1, B2 और A कम हो जाते हैं। साथ ही गलत तरीके से स्टोर किए गए फ्रोजन फूड से संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।
क्या करें?
डॉक्टरों की सलाह है कि गर्भावस्था के दौरान ताजे फल, हरी सब्जियां, पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन का सेवन करें। संतुलित आहार मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।






