गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फॉर्म भरने के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई गढ़वा के उपायुक्त पी.एन. मिश्रा के आदेश पर की गई।
वायरल वीडियो के बाद हुई जांच
मामला रंका प्रखंड के बूथ संख्या-383 का है, जहां कार्यरत बीएलओ जमीला बीबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वह एसआईआर फॉर्म भरने और जमा कराने के एवज में 50 से 100 रुपये “खर्चा-पानी” के नाम पर मांगती हुई दिखाई दे रही थीं। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उन्होंने नागरिकता रद्द कराने जैसी धमकी भी दी।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में आरोप सही पाए गए
जांच के दौरान कई लोगों ने बीएलओ पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप लगाए। इसके बाद गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी की ओर से जमीला बीबी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
हालांकि, नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपायुक्त ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
उपायुक्त ने क्या कहा?
गढ़वा के उपायुक्त पी.एन. मिश्रा ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई कि वायरल वीडियो जमीला बीबी का ही है और उसमें उनका आचरण आपत्तिजनक पाया गया।
उन्होंने कहा कि नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण नियमानुसार उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता, रिश्वतखोरी या आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






