रांची। बाबूलाल मरांडी ने कोषागार घोटाले की जांच में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के आदेश के कई दिन बाद भी जरूरी फाइलें जांच एजेंसी तक नहीं पहुंची हैं।
सोशल मीडिया पर जताई चिंता
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के पांच दिन बाद भी वित्त विभाग ने संबंधित फाइलें सीआईडी को नहीं भेजी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
जांच प्रभावित होने की आशंका
उन्होंने आशंका जताई कि कहीं जानबूझकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं की जा रही है। उन्होंने हेमंत सोरेन से मांग की कि कोई भी अधिकारी जांच प्रक्रिया में बाधा न डाले और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
बड़े घोटाले की संभावना
मरांडी ने कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है। यदि निष्पक्ष जांच हो, तो यह चारा घोटाला की तरह बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर कर सकता है।
पारदर्शी जांच की मांग
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज और फाइलें बिना देरी के जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जांच प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके और सच्चाई सामने आ सके।






