नई दिल्ली: आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक करदाता अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल कर चुके हैं। आयकर विभाग के अनुसार, केवल एक दिन में 10 लाख से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए हैं।
आयकर विभाग ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए करदाताओं से समय रहते रिटर्न दाखिल करने की अपील की।
आखिरी समय का इंतजार न करें
विभाग ने कहा कि यदि आपने अभी तक आईटीआर-1 (सहज) या आईटीआर-2 दाखिल नहीं किया है, तो अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए जल्द अपना रिटर्न भरें।
आयकर विभाग ने करदाताओं से 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने की अपील की है।
किनके लिए है आईटीआर-1 (सहज)?
आईटीआर-1 (सहज) उन निवासी व्यक्तियों के लिए है—
- जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है।
- जिनकी आय का स्रोत वेतन, एक आवासीय संपत्ति और 5,000 रुपये तक की कृषि आय है।
यह फॉर्म छोटे और मध्यम आय वर्ग के करदाताओं के लिए सबसे सरल माना जाता है।
कौन भरता है आईटीआर-2?
आईटीआर-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए है—
- जिनकी आय किसी व्यवसाय या पेशे से नहीं होती।
- जिनकी आय में पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) जैसे स्रोत शामिल होते हैं।
31 जुलाई तक दाखिल करें रिटर्न
आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं और भीड़ से बचने के लिए 31 जुलाई 2026 से पहले अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दें। इससे रिटर्न प्रक्रिया भी आसान रहेगी और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।






