हजारीबाग, 15 मई। हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
प्रसव के लिए अस्पताल में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार कटकमसांडी प्रखंड के बंजिया गांव निवासी शोभा कुमारी को 13 मई को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की सलाह पर परिजनों ने रक्त की व्यवस्था भी की थी।
परिजनों के मुताबिक शोभा ने अस्पताल में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था और गुरुवार रात तक जच्चा-बच्चा दोनों सामान्य थे।
ब्लड चढ़ाने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि गुरुवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच नर्सों ने शोभा को ब्लड चढ़ाना शुरू किया। कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
आरोप है कि शोभा ने ब्लड रिएक्शन होने की शिकायत करते हुए ब्लड चढ़ाने से मना भी किया, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
डॉक्टर और नर्स नहीं मिलने का आरोप
परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत ज्यादा खराब होने लगी तो वे मदद के लिए अस्पताल कर्मियों को बुलाने दौड़े, लेकिन ड्यूटी पर कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था।
समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण शोभा की मौत हो गई।
अस्पताल परिसर में हुआ हंगामा
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने जताई नाराजगी
सूचना मिलने पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद अस्पताल पहुंचे और घटना पर गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल धीरे-धीरे “मौत का अड्डा” बनता जा रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विधायक ने मौके से ही उपायुक्त हेमंत सती से फोन पर बात कर मामले की जानकारी दी और दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष उठाने की बात भी कही।
जांच का आश्वासन
इधर प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।






