रांची, 07 सितंबर । झारखंड सरकार की ओर से सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सरकार की अधिसूचना पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश को दी गई चुनौती
याचिकाकर्ताओं ने सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा (विज्ञापन संख्या 22/2023) की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी है। इस संबंध में आदित्य भास्कर और आयुष कुमार वर्मा की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
प्रार्थियों ने कहा- परीक्षा में अनियमितता की आशंका नहीं
प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता निलेश कुमार, एके कश्यप, अभय आनंद और सोनल ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सिविल जज जूनियर डिवीजन की उक्त परीक्षा टीडीपीएल की ओर से आयोजित नहीं कराई गई थी। ऐसे में इसमें अनियमितता की आशंका नहीं है। अधिवक्ताओं ने परीक्षा प्रक्रिया रद्द करने संबंधी सरकारी आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया।
सरकार और जेपीएससी ने रखा अपना पक्ष
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत में पक्ष रखा, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पैरवी की।
टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाएं रद्द करने का फैसला
उल्लेखनीय है कि सीआईडी से मिले तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें टीडीपीएल की भूमिका रही थी। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की गई थी।
22 परीक्षाएं रद्द, छह की प्रक्रिया स्थगित
इन घोषणाओं के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने परीक्षा रद्द करने, नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख किया गया है।
29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने फिलहाल सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार और जेपीएससी से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को निर्धारित की गई है।






