रांची। झारखंड नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के तत्वावधान में 17 से 19 अप्रैल 2026 तक रिम्स ऑडिटोरियम में तीसरे झारखंड नियोकोन का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से 250 से 300 शिशु रोग विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होगा।
प्रेसवार्ता में दी गई जानकारी
यह जानकारी आईएमए भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. पार्थ कुमार चौधरी, डॉ. आनंद जगनानी, डॉ. ओपी मनसरिया सहित अन्य चिकित्सकों ने दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में एम्स पटना, एम्स ऋषिकेश, एम्स देवघर, नई दिल्ली, कोलकाता और केरल सहित देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
इन विशेषज्ञों में डॉ. भावेश कांत, डॉ. मयंक प्रियदर्शी, डॉ. हेमंत शर्मा, डॉ. गौतम राय और डॉ. प्रदीप कुमार देबता जैसे नाम प्रमुख हैं।
तीन दिनों तक होंगे विभिन्न सत्र
सम्मेलन के पहले दिन समयपूर्व जन्मे शिशुओं की देखभाल, नर्सों के प्रशिक्षण और नवजात शिशुओं में श्वसन संबंधी समस्याओं पर विशेष चर्चा होगी। वहीं 18 और 19 अप्रैल को आयोजित विभिन्न सत्रों में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और उपचार तकनीकों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
नवजात शिशुओं के इलाज को मिलेगा लाभ
आयोजकों के अनुसार, ऐसे सम्मेलनों से चिकित्सकों को नई और उन्नत जानकारियां प्राप्त होती हैं, जिसका सीधा लाभ नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार में देखने को मिलेगा।






