लखनऊ, 27 मई। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीमों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल से जुड़े चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ये लोग सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि भारतीय युवाओं को आर्थिक लाभ और भ्रमित करने वाले प्रचार के जरिए पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्लीपर सेल तैयार करने और युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का काम कर रहे थे।
200 संदिग्धों की जांच के बाद हुई कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए एटीएस और एसटीएफ ने प्रदेशभर में करीब 200 संदिग्धों की जांच की। जांच के आधार पर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों में महकाब, शाहरुख, गगनदीप उर्फ गुरी सिंह और मुशर्रफ शामिल हैं। इन्हें सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया।
अस्पताल और राजनीतिक कार्यालय को निशाना बनाने की साजिश
पूछताछ में महकाब और गगनदीप उर्फ गुरी सिंह ने बताया कि वे इंस्टाग्राम के माध्यम से शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में आए थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपितों को एक राजनीतिक दल के कार्यालय, अस्पताल और एक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके कई स्कूल संचालित हैं। इसके लिए रेकी करने को कहा गया था।

युवाओं को जोड़ने और हथियार खरीदने की तैयारी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों को भारत में अधिक से अधिक युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश दिए गए थे।
महकाब और गगनदीप उर्फ गुरी सिंह ने अपने साथ शाहरुख और मुशर्रफ को भी जोड़ा था।
आरोपितों ने अस्पताल को उड़ाने के लिए रेकी करने और हथियार खरीदने की तैयारी की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि मार्च महीने में नोएडा में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें पैसे और हथियारों की व्यवस्था पर चर्चा हुई थी।
तीन मुकदमे दर्ज, नेटवर्क तोड़ने की कार्रवाई जारी
अमिताभ यश ने बताया कि उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता ने शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। साथ ही नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की तलाश और कार्रवाई जारी है।






