मिशन वात्सल्य पोर्टल पर गुमशुदा बच्चों की जानकारी अपलोड करना अनिवार्य

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एक महीने में पोर्टल पर दर्ज मामलों की संख्या 3190 से बढ़कर 8681 पहुंची

पटना: राज्य में गुमशुदा या लापता बच्चों की जानकारी अब मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गुमशुदा बच्चों से जुड़ी हर जानकारी शत-प्रतिशत पोर्टल पर अपलोड की जाए और बच्चे के मिलने पर डाटाबेस को तुरंत अपडेट किया जाए।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में Mental Healthcare Act, 2017 की धारा-100 के प्रावधानों को थाना स्तर पर लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस व्यवस्था के सफल संचालन के लिए थाना स्तर के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 1171 पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीआईडी के अंतर्गत कमजोर वर्ग इकाई को दी गई है।

पहले गुमशुदा बच्चों का डेटा थानावार सीमित था, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग के कारण मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज मामलों की संख्या एक महीने में 3190 से बढ़कर 8681 हो गई है।

नया सवेरा अभियान में 427 पीड़ित मुक्त, 116 मानव तस्कर गिरफ्तार

राज्य में मानव तस्करी और बालश्रम के खिलाफ 1 से 30 अप्रैल तक “नया सवेरा-2.0” अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 46 नाबालिग बच्चों समेत 94 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

बालश्रम के मामलों में 61 कांड दर्ज किए गए, जिनमें 193 बच्चों को मुक्त कराया गया। वहीं लैंगिक अपराध और ऑर्केस्ट्रा/डांस ग्रुप से जुड़े मामलों में 20 कांड दर्ज कर 140 पीड़ितों को मुक्त कराया गया। इस दौरान 35 महिलाओं समेत 114 मानव तस्करों की गिरफ्तारी हुई।

अभियान के दूसरे चरण में कुल 427 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और 116 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। मुक्त कराए गए पीड़ितों में West Bengal, Jharkhand, Uttar Pradesh, Chhattisgarh, Odisha तथा Nepal के लोग भी शामिल हैं।

अभियान के दौरान सर्वाधिक गिरफ्तारी करने वाले Rohtas और Araria जिलों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।

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