भारत-जापान की बढ़ती साझेदारी पर चीन की प्रतिक्रिया, कहा- किसी तीसरे देश के खिलाफ न हो सहयोग

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नई दिल्ली/बीजिंग: भारत और जापान के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत होने के बीच चीन ने कहा है कि दोनों देशों की साझेदारी किसी तीसरे देश, विशेषकर चीन, के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। चीन ने जोर देकर कहा कि द्विपक्षीय सहयोग का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी विश्वास बढ़ाना होना चाहिए, न कि टकराव को बढ़ावा देना।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने शुक्रवार को कहा कि भारत और जापान के बीच सहयोग आपसी समझ और भरोसे को मजबूत करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का गठबंधन या रणनीतिक साझेदारी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान पहुंचाने या क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का माध्यम नहीं बननी चाहिए।

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में अहम खनिजों, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने पर सहमति बनी है। इन क्षेत्रों को भविष्य की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन और जापान के बीच पिछले कुछ वर्षों से ताइवान मुद्दे और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। हाल ही में बीजिंग ने कुछ जापानी कंपनियों को अपनी एक्सपोर्ट प्रतिबंध सूची में भी शामिल किया, जिस पर टोक्यो ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

इस बीच भारत और जापान ने स्पष्ट किया है कि दोनों देश रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनाने की दिशा में मिलकर काम करेंगे।

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