दमिश्क: सीरिया की राजधानी दमिश्क के हिजाज़ इलाके में स्थित ‘पैलेस ऑफ़ जस्टिस’ के पास एक कैफे में गुरुवार को हुए भीषण बम विस्फोट में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट कैफे में रखे गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के कारण हुआ।
सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और एंबुलेंस तथा सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
धमाके से दहल उठा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और कई इमारतें हिल गईं। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
कैफे के पास बैटरी की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद लोग राहत कार्य के लिए मौके पर दौड़ पड़े। वहीं, समीप स्थित चश्मे की दुकान के मालिक ने कहा कि धमाके के बाद कई लोग खून से लथपथ जमीन पर पड़े दिखाई दिए, जिसने उन्हें सीरिया के गृहयुद्ध के दौर की भयावह घटनाओं की याद दिला दी।
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
दमिश्क के गवर्नर माहेर एल्डिबी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी देश में स्थिरता लौटने लगती है, कुछ असामाजिक तत्व उसे अस्थिर करने की कोशिश करते हैं।
नई सरकार बनने के बाद बड़ा हमला
यह हमला दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने और राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद राजधानी दमिश्क में हुए बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले जून 2025 में दमिश्क के एक चर्च पर हुए आत्मघाती हमले में 25 लोगों की जान चली गई थी।






