नई दिल्ली, 11 सितंबर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंकों की 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू हो गई। हड़ताल का असर देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है। हड़ताल के बाद शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार, फिर रविवार और इसके बाद गणेश चतुर्थी का अवकाश होने के कारण देश के कई हिस्सों में लगातार चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है।
पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर अड़े बैंक कर्मचारी
बैंक यूनियनें लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने की मांग कर रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने के प्रस्ताव पर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच पहले ही सहमति बन चुकी है, लेकिन इसकी अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है।
यूनियन नेताओं के अनुसार, पांच दिन के कार्य सप्ताह के तहत सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन कामकाज के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी करके शनिवार के एक कार्य दिवस की भरपाई करने पर भी सहमति बनी थी।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना का इंतजार
बैंक यूनियनों का कहना है कि IBA की सिफारिश के बावजूद केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की ओर से अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसके कारण बैंक कर्मचारी अभी भी हर दूसरे शनिवार को अवकाश वाले पुराने नियम के तहत काम कर रहे हैं।
यूनियनें पांच दिन के कार्य सप्ताह को तत्काल अधिसूचित करने की मांग पर कायम हैं और इसी मुद्दे को लेकर 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित
हड़ताल का असर भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में देखने को मिल रहा है।
हड़ताल के कारण नकद जमा और निकासी, ड्राफ्ट जारी करने, नए खाते खोलने, संस्थागत ट्रेड क्लीयरेंस और चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) जैसी शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन लेनदेन जैसी कुछ सेवाएं उपलब्ध रहने की संभावना है।
निजी बैंकों पर हड़ताल का असर नहीं
HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंकों की सेवाओं पर इस हड़ताल का व्यापक असर होने की सूचना नहीं है। इसलिए इन बैंकों की सामान्य शाखा और डिजिटल सेवाएं संचालित रहने की संभावना है।
ब्रिक्स सम्मेलन के बीच हड़ताल से बढ़ी चिंता
12 सितंबर से दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से यूनियनों से हड़ताल टालने की अपील की गई थी।
हालांकि, बैंक यूनियन नेताओं ने सरकार की अपील को स्वीकार नहीं किया। यूनियनों का कहना है कि पांच दिन के कार्य सप्ताह की उनकी लंबित मांग पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।
हड़ताल में वेतन कटौती का प्रावधान
बैंकिंग सेवा नियमों और लागू श्रम प्रावधानों के तहत हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर सामान्यतः ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का सिद्धांत लागू होता है। इसका मतलब है कि हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारियों के वेतन से हड़ताल के एक दिन के लिए निर्धारित वेतन की कटौती की जा सकती है।






