बिहार में राजस्व अधिकारियों बनाम सरकार: टकराव तेज, हड़ताल जारी रखने का ऐलान

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पटना। बिहार में राजस्व सेवा के अधिकारियों और सरकार के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। हड़ताली अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई जारी रखेंगे। इससे राज्य में प्रशासनिक कार्यों, खासकर भूमि सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कामों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

सरकार के रुख पर अधिकारियों की कड़ी आपत्ति
बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। अधिकारियों का कहना है कि ‘कुंडली खंगालने’ और ‘इलाज’ जैसे शब्दों का प्रयोग अपमानजनक है और इससे संवाद के बजाय टकराव की स्थिति बन रही है।

‘वादे निभाए सरकार, नहीं तो हड़ताल जारी’
महासंघ ने स्पष्ट किया कि वे कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि 9 फरवरी को सरकार के साथ हुई सहमति को लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) पद पर नियुक्त करने की है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।

भूमि सर्वे की धीमी रफ्तार पर सवाल
अधिकारियों ने भूमि सर्वेक्षण की धीमी प्रगति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भूमि विवादों के समाधान के लिए सर्वे बेहद जरूरी है, लेकिन इसकी गति काफी धीमी है और बार-बार समय सीमा बढ़ाई जा रही है।

अहम अंचलों में भी विरोध तेज
पटना सदर, दानापुर, फुलवारी और फतुहा जैसे प्रमुख अंचलों में तैनात अधिकारियों ने भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय दोहराया है। उनका कहना है कि वे जबरन थोपे गए फैसलों के आगे नहीं झुकेंगे और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

संवाद से समाधान की अपील
अधिकारियों ने सरकार को संदेश देते हुए कहा कि वे टकराव नहीं, बल्कि समाधान चाहते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि धमकी देने के बजाय सम्मानजनक बातचीत के जरिए इस विवाद का हल निकाला जाए।

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