पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह सख्त और सतर्क नजर आ रही है। भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और विवादमुक्त बनाने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। इसी को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता B. Rajender ने की। इसमें Bihar Public Service Commission, Bihar Technical Service Commission और Bihar Staff Selection Commission समेत कई नियुक्ति और चयन आयोगों के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य सचिव शामिल हुए।
परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाना था। सरकार ने साफ कहा कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी, लापरवाही या विवाद की अब कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
बैठक में ऑनलाइन निगरानी की जगह तत्काल डिजिटल निगरानी, डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा संचालन और समयबद्ध परीक्षा कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग से प्रश्नपत्र लीक, फर्जीवाड़ा और अन्य अनियमितताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
तकनीक से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था
समीक्षा बैठक में परीक्षा केंद्रों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए और परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।
अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर ने सभी आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन में सर्वोच्च स्तर की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों को और मजबूत करने को कहा गया, ताकि परीक्षाएं बिना किसी विवाद के तय समय पर संपन्न कराई जा सकें।
प्रतियोगी परीक्षाओं में दिख सकते हैं बड़े बदलाव
सरकार के इस कदम को बिहार की भर्ती परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में कई बड़े तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो और भर्ती प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय, तेज, निष्पक्ष और पारदर्शी बने।





