पटना, 16 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल और तकनीक-आधारित शिक्षा के नए दौर की शुरुआत हो गई है।
ऑनलाइन कोचिंग का भी आगाज
मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा संचालित ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज की भी शुरुआत की।
इस योजना के तहत पटना के 10 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) में इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी।
“हर छात्र को मिले समान अवसर”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के समान अवसर मिलें।
उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब छात्रों को विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा।
स्मार्ट क्लास और लाइव लर्निंग पर जोर
सरकार स्मार्ट क्लास, लाइव लर्निंग और डिजिटल एजुकेशन के माध्यम से छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलों के महत्व पर भी जोर दिया।
7 संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने 7 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एमओयू किया, जिनमें शामिल हैं:
- लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसायटी / वाधवानी एआई
- खान एकेडमी इंडिया
- प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन
- एएक्सएल
- पीआई जैम फाउंडेशन
- मंत्रा4चेंज
- शिक्षा लोकम फाउंडेशन
आधुनिक विषयों पर फोकस
इन साझेदारियों के जरिए छात्रों को कई आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जैसे:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- बेसिक लिटरेसी और न्यूमेरेसी
- गणित और विज्ञान
- कोडिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग
- डिजाइन थिंकिंग और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग
- शिक्षक प्रशिक्षण और डेटा-आधारित शिक्षा प्रबंधन






