गया। बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की कथित साजिश का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते यह प्रयास समय रहते विफल कर दिया गया। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य लोग फरार बताए जा रहे हैं।
समय रहते कार्रवाई, साजिश विफल
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई, जिससे पेपर लीक की कोशिश नाकाम हो गई। एक आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।
मुख्य आरोपी के रूप में एक शिक्षक दिलशाद का नाम सामने आया है, जो फिलहाल फरार है।
पैसे लेकर पेपर देने की डील
पुलिस के अनुसार, कासमी प्लस टू हाई स्कूल में कार्यरत शिक्षक दिलशाद अपने साथियों के साथ अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की योजना बना रहा था।
जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस को मिली, आरोपियों की कार का पीछा किया गया। हालांकि, आरोपी बीच रास्ते में कार छोड़कर फरार हो गए।
फायरिंग की अफवाह, पुलिस ने किया खंडन
घटना के दौरान फायरिंग की खबर भी सामने आई थी, लेकिन एसएसपी सुशील कुमार ने गोली चलने की बात से इनकार किया है।
हालांकि, जब्त की गई कार की ड्राइविंग सीट के नीचे गोली जैसा एक निशान मिलने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
मुख्य आरोपी दिलशाद, जो करीमगंज इलाके का निवासी बताया जाता है, पिछले कुछ वर्षों से स्कूल में बायोलॉजी पढ़ा रहा था।
इस मामले में शिवम सिंघनिया नामक व्यक्ति का भी नाम सामने आया है। उसके ठिकाने से कई संदिग्ध दस्तावेज, जैसे मार्कशीट, डिग्री और चेक बरामद किए गए हैं।
पहले भी हुई पूछताछ
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ युवाओं को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया था, लेकिन ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बाउंड भरवाकर छोड़ दिया गया।
इससे संकेत मिलता है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
हर एंगल से जांच जारी
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी शिक्षक के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच यह मामला एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, समय रहते पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ी अनियमितता को रोका जा सका है।






