पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। महागठबंधन के नेताओं और विधायकों ने विधानसभा परिसर में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कई मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पेपर लीक और परीक्षा पारदर्शिता पर सवाल
विपक्षी दलों ने नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार हो रही गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
नेताओं ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
लाठीचार्ज के विरोध में आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने छात्रों के आंदोलन पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। विपक्षी नेताओं का कहना था कि छात्रों की आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और उस पर बल प्रयोग करना गलत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
तख्तियों और नारों के साथ प्रदर्शन
विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते नजर आए।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।

सदन के भीतर भी उठेगा मुद्दा
कुछ देर तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद विपक्षी सदस्य सदन के अंदर कार्यवाही में शामिल होने चले गए।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि पेपर लीक, परीक्षा में पारदर्शिता और छात्रों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों को वे सदन के भीतर भी जोर-शोर से उठाएंगे।
बिहार में पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा के अंदर और बाहर विपक्ष के आक्रामक रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।






