पटना, 06 सितंबर । बिहार के भोजपुर जिले में आरा रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के अलीपुरद्वार जंक्शन-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस (15483) के दो कोच पटरी से उतर गए। हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ। ट्रेन की एक एसी और एक जनरल बोगी के पहिए पटरी से उतर गए। घटना के बाद आरा स्टेशन मास्टर एनके राय को निलंबित कर दिया गया है। हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सिग्नल में तकनीकी गड़बड़ी के बाद गलत लाइन पर चली ट्रेन
जानकारी के अनुसार महानंदा एक्सप्रेस आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 पर खड़ी थी। निर्धारित समय के अनुसार सुबह 4:12 बजे ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन खुलने के बाद बक्सर की बजाय सासाराम की ओर जाने वाली लाइन पर बढ़ने लगी।
बताया गया कि परिचालन के दौरान सिग्नल में तकनीकी गड़बड़ी हुई, जिसके कारण ट्रेन सासाराम लाइन की ओर चली गई। स्टेशन से करीब 200 मीटर आगे पश्चिमी ओवरब्रिज के पास अप लाइन पर ट्रेन के दो कोच बेपटरी हो गए।
दो बोगियों के दो-दो पहिए पटरी से उतरे
निलंबित स्टेशन मास्टर एनके राय के अनुसार उन्हें सुबह करीब 4:20 बजे ट्रेन के डिरेल होने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि वह तुरंत मौके के लिए रवाना हुए और करीब 10 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंचे। वहां एसएलआर और दूसरी एच-1 बोगी के पहिए पटरी से उतरे मिले।
उन्होंने बताया कि दोनों बोगियों के दो-दो पहिए पटरी से उतर गए थे। इसके बाद अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई और यात्रियों को अनाउंसमेंट के जरिए प्लेटफार्म नंबर-4 पर बैठाया गया।

स्टेशन मास्टर ने कहा- मेरी कोई गलती नहीं
एनके राय ने कहा कि उन्होंने अपनी ड्यूटी के अनुसार काम किया और घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्हें निलंबित कर दिया गया। स्टेशन मास्टर ने अपनी ओर से किसी लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि उनकी नजर में गलती लोको पायलट की है।
लोको पायलट ने कहा- ग्रीन सिग्नल देखकर आगे बढ़ा था
महानंदा एक्सप्रेस के लोको पायलट उमाशंकर पांडेय ने बताया कि मेन लाइन और उनकी ट्रेन जिस ट्रैक पर खड़ी थी, दोनों का सिग्नल ग्रीन था। उन्होंने ग्रीन सिग्नल देखकर ट्रेन आगे बढ़ाई।
लोको पायलट के मुताबिक कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने देखा कि ट्रेन का पॉइंट दूसरी ओर बना हुआ है और ट्रेन गलत दिशा में जा रही है। उन्होंने तत्काल ट्रेन रोक दी। इसके बाद स्टेशन मास्टर से पूछने पर उन्हें बताया गया कि ग्रीन सिग्नल उनकी ट्रेन के लिए नहीं था।
लोको पायलट ने बताया कि बाद में उन्हें ट्रेन को धीरे-धीरे रिवर्स करने के लिए कहा गया। रिवर्स करते समय कुछ तकनीकी समस्या सामने आई।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद परिचालन बहाल
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि हादसे में किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई है। पटरी से उतरे कोच के पहियों को जैक की मदद से वापस पटरी पर चढ़ाया गया।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद अप लाइन पर लगभग सुबह साढ़े सात बजे परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया।

कई ट्रेनें हुईं प्रभावित
महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने से दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर परिचालन प्रभावित हुआ। वंदे भारत, विभूति एक्सप्रेस, गांधीधाम एक्सप्रेस, कैपिटल एक्सप्रेस, इंटरसिटी, गरीब रथ, पैसेंजर और उधना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा और ट्रेनें विलंब से चलीं।
घटना के कारणों और सिग्नलिंग व्यवस्था में हुई गड़बड़ी की जांच की जा रही है।






