सीवान, 11 जुलाई — बिहार के सीवान जिले में नकली नोटों के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार देर रात मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने कथित रूप से जाली नोट छापने के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जाली नोट छापने की मशीन, प्रिंटिंग से जुड़े उपकरण, नकली नोट बनाने में प्रयुक्त सामग्री और बड़ी मात्रा में छपे हुए कथित जाली नोट बरामद किए। मौके से एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पंडितपुरा गांव में लंबे समय से जाली नोट छापे जाने की गुप्त सूचना मिल रही थी। सूचना के सत्यापन के बाद शुक्रवार देर रात पुलिस टीम ने छापेमारी की और मौके से सभी संदिग्ध सामग्री जब्त कर ली।
संगठित गिरोह की आशंका
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जिले के अन्य कई स्थानों पर भी दबिश दी है। आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसके तार जिले के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं।
तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी
पुलिस के अनुसार, बरामद कथित नकली नोटों की संख्या और उनकी कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। जब्त प्रिंटिंग मशीन और अन्य उपकरणों की तकनीकी व फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोट किस तकनीक से तैयार किए जा रहे थे और उन्हें किन-किन क्षेत्रों में खपाया जाता था।
जांच पूरी होने तक चुप्पी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फिलहाल आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं कर रही है। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने भी जांच पूरी होने तक कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई अहम जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं।
आगे और खुलासों की संभावना
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल बरामद सामग्री की जांच और हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ जारी है।






