पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या घटी, एसआईआर के बाद 6.75 करोड़ वोटर, विपक्ष ने उठाए सवाल

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कोलकाता, 08 अप्रैल। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद पहली बार कुल मतदाताओं की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। अब राज्य में मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 6.75 करोड़ रह गई है।

2011 से लगातार बढ़ रही थी संख्या
राज्य में वर्ष 2011 से अब तक हर चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़ती रही थी, लेकिन इस बार इसमें कमी दर्ज की गई है।

  • 2011 (विधानसभा): 5.62 करोड़
  • 2014 (लोकसभा): 6.27 करोड़
  • 2016 (विधानसभा): 6.58 करोड़
  • 2019 (लोकसभा): 6.98 करोड़
  • 2021 (विधानसभा): 7.33 करोड़
  • 2024 (लोकसभा): 7.60 करोड़

एसआईआर के बाद आई गिरावट
नवंबर से शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाताओं की संख्या में यह कमी आई है।

नाम हटाने की बड़ी कार्रवाई
चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, इस बार पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मृत, स्थानांतरित, लापता, दोहरे और फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिसके कारण यह गिरावट दर्ज की गई।

पहले लगते रहे थे आरोप
राजनीतिक दलों का आरोप था कि नए मतदाताओं के नाम तो जोड़े जा रहे थे, लेकिन पुराने और फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रिया प्रभावी नहीं थी।

मतदाता सूची हुई अधिक पारदर्शी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनी है, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए अहम है।

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