मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार के कृषि मंत्री Vijay Kumar Sinha सोमवार को मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान विभाग बदलने को लेकर भावुक नजर आए। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित “बिहार लीची संगम: बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम में उन्होंने तंज भरे अंदाज में अपनी बात रखी, जो अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय सिन्हा ने कहा, “मैं तो तल्लीनता से पढ़ाई करता हूं, लेकिन परीक्षा देने के समय सब्जेक्ट ही बदल जाता है। फिर भी परीक्षा देने की कोशिश करता हूं। पढ़ाई करता हूं तो पढ़ने वाले लोग ही बेईमान निकलते हैं और जब उन पर कार्रवाई करता हूं, तब तक सब्जेक्ट बदल जाता है।”
उनके इस बयान को हाल में विभागीय बदलाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। मंत्री के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई।
लीची किसानों की समस्याएं सुनीं
मुजफ्फरपुर स्थित National Research Centre on Litchi में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए। मंत्री विजय सिन्हा ने लीची उत्पादकों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने कहा कि जब मंत्री खुद जमीन पर उतरकर काम कर रहे हैं, तो अधिकारियों को भी फील्ड में सक्रिय होना होगा। सरकार किसानों, खासकर लीची उत्पादकों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है।
किसानों ने रखीं अपनी मांगें
कार्यक्रम में कई किसानों ने खुलकर अपनी परेशानियां मंत्री के सामने रखीं। किसान मालती देवी ने बताया कि वह 11 एकड़ में लीची की खेती करती हैं, लेकिन इस बार कीट प्रकोप और उत्पादन घटने से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से लीची फसल को बीमा योजना में शामिल करने की मांग की।
किसानों ने लीची की ढुलाई, दूसरे राज्यों तक परिवहन, बेहतर बाजार और उचित कीमत को लेकर भी अपनी बातें रखीं।
सरकार ने समाधान का दिया भरोसा
किसानों की समस्याएं सुनने के बाद विजय सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि सरकार लीची किसानों के हित में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर बाजार, परिवहन सुविधा और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान कृषि और बागवानी से है, और राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।






