पूर्वी सिंहभूम, 27 अप्रैल। दलमा पहाड़ी क्षेत्र में सेंदरा पर्व को लेकर इस बार प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोटका से बहरागोड़ा तक व्यापक स्तर पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है और शिकार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है।
पोटका में चलाया गया विशेष जांच अभियान
सोमवार सुबह पोटका क्षेत्र में हाता स्थित वन विभाग कार्यालय के पास विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान जमशेदपुर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली गई और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर उन्हें चेतावनी दी गई कि सेंदरा पर्व के दौरान शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अधिकारियों की मौजूदगी में सघन गश्त
इस अभियान का नेतृत्व रेंज ऑफिसर शंकर भगत ने किया। उनके साथ वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि परंपरा निभाते हुए वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं।
बहरागोड़ा चेक नाका पर 24 घंटे निगरानी
बहरागोड़ा चेक नाका को संवेदनशील मानते हुए यहां 24 घंटे सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े इस क्षेत्र में हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि शिकार की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि परंपरा का सम्मान किया जाएगा, लेकिन वन्यजीवों के शिकार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध शिकार में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और क्विक रिस्पांस टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

संतुलन बनाने की अपील
इस बीच दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने सेंदरा पर्व को आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपरा बताया और जिम्मेदारी के साथ मनाने की बात कही। वहीं डीएफओ सबा आलम अंसारी ने लोगों से अपील की कि वे पर्व को प्रतीकात्मक रूप में मनाएं और जंगल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करें।
परंपरा और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की इस पहल के तहत इस बार दलमा क्षेत्र में सेंदरा पर्व कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया जा रहा है।





