रांची, 13 जुलाई । चतरा जिले के हंटरगंज अंचल से जुड़े कथित फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर उसे झारखंड हाई कोर्ट में प्रस्तुत करने के आरोप में चतरा पुलिस ने भाजपा नेता श्रीनिवास सिंह को रांची के कांके थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। अंचल निरीक्षक की शिकायत पर हंटरगंज थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
हाई कोर्ट में पेश दस्तावेज पर उठा संदेह
पुलिस के अनुसार, मामला जयशंकर स्टोन इंडस्ट्रीज से जुड़े एक प्रकरण का है। इसकी सुनवाई के दौरान झारखंड हाई कोर्ट में हंटरगंज अंचल कार्यालय के नाम से जारी एक पत्र प्रस्तुत किया गया था। दस्तावेज की सत्यता पर संदेह होने के बाद संबंधित अभिलेखों की जांच कराई गई।
जांच में दस्तावेज मिला संदिग्ध
जांच के दौरान जिला खनन कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और हंटरगंज अंचल कार्यालय के मूल अभिलेखों का मिलान किया गया। अधिकारियों के अनुसार, हाई कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध और कथित रूप से फर्जी पाया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंचल कार्यालय के मूल पत्र में छेड़छाड़ कर नया दस्तावेज तैयार किया गया और बाद में उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मूल पत्र और प्रस्तुत दस्तावेज में अंतर
अधिकारियों के मुताबिक, मूल पत्र खनन पट्टा क्षेत्र की मापी रिपोर्ट से संबंधित था, जबकि न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज का विषय पूरी तरह अलग था। इसी आधार पर दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठे और मामले की औपचारिक जांच शुरू की गई।
कांके से हुई गिरफ्तारी
अंचल निरीक्षक की शिकायत के आधार पर हंटरगंज थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद चतरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीनिवास सिंह को रांची के कांके थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपित को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अन्य आरोपितों की भी हो रही जांच
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उसमें छेड़छाड़ करने और उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






