रांची। झारखंड के मैट्रिक परीक्षा में इस बार दाे छात्रा और दो छात्र स्टेट टॉपर रहे। इनमें इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय, हजारीबाग की छात्रा प्रियांशु कुमारी और सिमडेगा के बानो स्थित एसएस उच्च विद्यालय की शिवांगी कुमारी के अलावा रांची के मेसरा स्थित प्रेमचंद उच्च विद्यालय के प्रेम कुमार साहु एवं रांची के ही संत अलोइस उच्च विद्यालय सन्नी कुमार वर्मा टॉपर रहे। चारों छात्र-छात्राओं को 498 (99.50 प्रतिशत) अंक मिले हैं।
स्टेट टॉपर कौन-कौन
- प्रियांशु कुमारी (इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय, हजारीबाग)
- शिवांगी कुमारी (एसएस उच्च विद्यालय, बानो, सिमडेगा)
- प्रेम कुमार साहु (प्रेमचंद उच्च विद्यालय, मेसरा, रांची)
- सन्नी कुमार वर्मा (संत अलोइस उच्च विद्यालय, रांची)
सेकेंड टॉपर
दूसरे स्थान पर चार छात्रों ने संयुक्त रूप से 496 अंक (99.20%) हासिल किए:
- दिव्यांशु उरांव (संत पैट्रिक्स उच्च विद्यालय, गुमला)
- अखिलेश साहु (संत पैट्रिक्स उच्च विद्यालय, गुमला)
- वैष्णवी श्री (इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय, हजारीबाग)
- जुलिटा मिंज (इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय, हजारीबाग)
थर्ड टॉपर
तीसरे स्थान पर भी चार छात्र-छात्राएं 494 अंक (98.80%) के साथ संयुक्त रूप से रहे:
- महताब अंसारी (संत जॉन्स उच्च विद्यालय, नावाटांड, मांडर, रांची)
- प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी, रांची)
- अमीशा कुमारी (इंदिरा गांधी उच्च विद्यालय, हजारीबाग)
- दिप्ती रानी (इंदिरा गांधी उच्च विद्यालय, हजारीबाग)
परीक्षा विवरण
गौरतलब है कि मैट्रिक परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी के बीच आयोजित की गई थी। पिछले वर्ष 2025 में टॉपर गीतांजलि रही थीं, जिन्हें 493 अंक (98.6%) मिले थे।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
रिजल्ट जारी होने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की मैट्रिक परीक्षा में सफल हुए सभी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई और जोहार। जो विद्यार्थी अपनी आशा के अनुरूप परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं, वे निराश न हों और बेहतर प्रयास करते हुए आगे बढ़ते रहें। झारखंड सरकार आप सभी के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार।”
जैक द्वारा सभी स्कूलों को छात्रों की मूल मार्कशीट भेजी जाएगी, जिसके बाद विद्यालय प्रबंधन इसे वितरित करेगा। सफल छात्रों को अब उच्च माध्यमिक शिक्षा में प्रवेश के लिए आवश्यक प्रमाणपत्रों के लिए अपने शिक्षण संस्थानों से संपर्क करना होगा। प्रशासन ने सुचारू रूप से परिणाम जारी करने के लिए सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं, ताकि छात्रों को वेबसाइट पर ट्रैफिक के कारण परेशानी न हो।






