जमशेदपुर। सारंडा के बाद अब पूर्वी सिंहभूम का दलमा जंगल सुरक्षाबलों के बड़े अभियान का केंद्र बन गया है। माओवादियों के खिलाफ शुरू किए गए इस ऑपरेशन में कोबरा और झारखंड जगुआर के 300 से अधिक जवान शामिल हैं। अभियान का मुख्य लक्ष्य एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश और 15 लाख के इनामी रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन की तलाश है।
तड़के शुरू हुआ सघन तलाशी अभियान
इस ऑपरेशन के तहत दलमा के घने जंगलों की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने जंगल से जुड़े संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और झारखंड-बंगाल सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
सारंडा में दबाव के बाद दलमा में शरण की सूचना
हाल के दिनों में सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ा है। ऑपरेशन मेधाबुरु सहित कई अभियानों में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है। हालिया मुठभेड़ों में एक करोड़ के इनामी अनल दा समेत कई शीर्ष माओवादी मारे जा चुके हैं।
खुफिया इनपुट के अनुसार, इसी दबाव के कारण असीम मंडल उर्फ आकाश और रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन ने दलमा के जंगलों में ठिकाना बना लिया है। इनके बोड़ाम, पटमदा और सरायकेला-खरसावां के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
दलमा में पहली बार इतना बड़ा संयुक्त अभियान
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, दलमा क्षेत्र में इस स्तर पर पहली बार इतना बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पहाड़ी और घने जंगलों वाला यह इलाका लंबे समय से माओवादियों के लिए सुरक्षित माना जाता रहा है। जवान संभावित ठिकानों और आवाजाही के रास्तों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
बड़ी सफलता से नेटवर्क को लगेगा झटका
सुरक्षाबलों का मानना है कि यदि इस अभियान में आकाश और सचिन को पकड़ने या मार गिराने में सफलता मिलती है, तो पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।
आत्मसमर्पण की अपील और सख्त चेतावनी
पुलिस ने माओवादियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अभियान के दौरान किसी भी सशस्त्र विरोध पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






