रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, ताकि वे अपने परिवार और समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें।
सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए।
विद्यालयों में चलेंगे जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर और जनगणना को लेकर विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र और विशेष अभियान संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के प्रति समझ विकसित होगी और वे जागरूक नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
कल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का संचालन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
छात्रवृत्ति और रोजगार योजनाओं पर फोकस
समीक्षा के दौरान ई-कल्याण पोर्टल, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, साइकिल वितरण योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की संख्या, योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों की भी जानकारी ली।
रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने ऋण प्राप्ति, व्यवसाय संचालन, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग प्रक्रियाओं से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली।
उन्होंने यह भी जाना कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है और बैंकिंग संस्थानों से उन्हें पर्याप्त सहयोग मिल रहा है या नहीं।
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गढ़वा, देवघर और साहिबगंज में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, नामांकन और संचालन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इन संस्थानों को उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
विद्यार्थियों को ई-साइकिल देने की तैयारी
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। ऐसे में ई-साइकिल सुविधा उनकी शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में मददगार होगी।
अस्पतालों में बनेंगे विशेष हेल्प डेस्क
कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं।
इन हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, जांच, परामर्श और उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता मिल सके।
कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री Chamara Linda, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री Hafizul Hasan, मुख्य सचिव Avinash Kumar, विकास आयुक्त Ajay Kumar Singh तथा विभागीय सचिव Kripanand Jha सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






