गिरिडीह में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 25 लाख का इनामी हार्डकोर माओवादी अजय महतो गिरफ्तार, कई बड़े आईईडी हमलों का है मास्टरमाइंड

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रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। गिरिडीह पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में 25 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी अजय महतो उर्फ ‘टाइगर’ को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य अजय महतो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

पूछताछ में मिल सकते हैं बड़े सुराग

गिरफ्तारी के बाद अजय महतो से गहन पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, आईईडी मॉड्यूल, लेवी तंत्र और कई लंबित नक्सली घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

आईजी अभियान ने गिरफ्तारी की पुष्टि की

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता बताया।

उन्होंने कहा कि पूछताछ के आधार पर संगठन के सक्रिय कैडरों, हथियारों के नेटवर्क और भविष्य की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की संभावना है।

बीजेएसएसी का सक्रिय सदस्य था अजय महतो

पुलिस के अनुसार, अजय महतो बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (बीजेएसएसी) का सक्रिय सदस्य था। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड के पांडेडीह गांव का निवासी है।

उसके सिर पर झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से कुल 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

200 से अधिक मामलों में था आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अजय महतो के खिलाफ—

  • हत्या
  • हत्या के प्रयास
  • पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमले
  • आईईडी विस्फोट
  • लेवी वसूली
  • आर्म्स एक्ट
  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए)

सहित 200 से अधिक मामले दर्ज हैं।

कई बड़े नक्सली हमलों का आरोपी

जांच एजेंसियों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में सारंडा, कोल्हान, पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उसकी भूमिका सामने आई है।

वर्ष 2020 से लेकर 2026 तक पुलिस मुखबिरों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घातक हमले, विस्फोटक भंडार लूट, झारखंड जगुआर और कोबरा बटालियन पर हमलों सहित कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया है।

आईईडी विशेषज्ञ माना जाता था

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अजय महतो संगठन का प्रमुख आईईडी विशेषज्ञ था। वह—

  • विस्फोटक लगाने,
  • हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति,
  • लेवी वसूली,
  • नए कैडरों को प्रशिक्षण देने,
  • बड़े हमलों की रणनीति तैयार करने

में अहम भूमिका निभाता था। उसे कई चर्चित नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है।

माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से सारंडा, कोल्हान, गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

फिलहाल उससे संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, आईईडी निर्माण एवं तैनाती, वित्तीय स्रोतों और भविष्य की योजनाओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नक्सल विरोधी अभियान को और गति मिलेगी तथा संगठन के शेष नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।

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