रांची: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) और बाबा बासुकीनाथ धाम (दुमका) में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मेले की सुरक्षा के लिए 14 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा श्रावणी मेला
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग और बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे।
सावन के सोमवार पर विशेष सतर्कता
पुलिस ने 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त (नाग पंचमी) और 24 अगस्त को पड़ने वाले सावन के सोमवार को भारी भीड़ की संभावना जताई है। वहीं 29 जुलाई को देवघर-दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर होने वाले श्रावणी मेला उद्घाटन समारोह को लेकर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार पुलिस के साथ संयुक्त सुरक्षा योजना
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए झारखंड पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुल्तानगंज से देवघर तक लगभग 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ की सुरक्षा के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है।
पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) नरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि आधुनिक तकनीक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके।
105 किलोमीटर कांवरिया पथ पर विशेष निगरानी
श्रावणी मेले के दौरान शिवभक्त भागलपुर के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर करीब 105 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक करते हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ धाम भी जाते हैं।
कांवरिया पथ बिहार और झारखंड के कई जिलों से होकर गुजरता है। ऐसे में पूरे मार्ग पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं की संभावना
पुलिस के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने का अनुमान है। अंतिम सोमवार 24 अगस्त को सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है।
सुरक्षा के लिए जारी किए गए प्रमुख निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि—
- कांवरिया पथ पर पर्याप्त पुलिस गश्ती दल तैनात किए जाएं।
- संवेदनशील स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
- मार्ग के आसपास असामाजिक तत्वों और वांछित अपराधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
- रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ट्रेनों और सार्वजनिक परिवहन में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- मंदिर परिसर और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जाए।
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए।
- संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी जाए।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर भी फोकस
संभावित भगदड़, भारी बारिश या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी की गई है। प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे एंबुलेंस, चिकित्सक, आवश्यक दवाइयां और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा केंद्र, आपात सहायता केंद्र, खोया-पाया केंद्र और विश्राम स्थलों पर शेड एवं स्वच्छता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
श्रावणी मेला-2026 की सुरक्षा के लिए 14 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होगी। इनमें—
- आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस)
- रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ)
- झारखंड जगुआर
- सीआरपीएफ की महिला बटालियन की चार कंपनियां
- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ)
- बम निरोधक दस्ता
- डॉग स्क्वायड
- सादे लिबास में स्पेशल ब्रांच के जवान
शामिल रहेंगे।
इसके अलावा ड्रोन कैमरों और अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






