कुरमावां बना मिसाल: लड़कियों की शिक्षा ने बदली गांव की तकदीर

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सरकारी योजनाओं और जागरूकता से 100% बालिकाएं पहुंचीं स्कूल, पंचायत बनी रोल मॉडल

पटना: गया जिले के कोंच प्रखंड स्थित कुरमावां पंचायत आज लड़कियों की शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है। जहां कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब यह पंचायत शिक्षा के जरिए विकास की नई कहानी लिख रही है।

राज्य सरकार की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुफ्त यूनिफॉर्म और साइकिल जैसी सुविधाओं ने बालिकाओं की स्कूल तक पहुंच को आसान बनाया है। इसका असर यह हुआ कि अब पंचायत की 100 प्रतिशत लड़कियां नियमित रूप से स्कूल जा रही हैं।

पंचायत के मुखिया उमेश कुमार के अनुसार, पहले क्षेत्र में सड़क, बिजली और आधारभूत ढांचे की भारी कमी थी। लेकिन अब स्कूल भवनों का निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं के विकास ने शिक्षा के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है।

स्थानीय स्तर पर चलाए गए जन-जागरूकता अभियान और अभिभावकों के साथ संवाद ने भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। नतीजतन, अब लड़कियां न सिर्फ पढ़ाई में लड़कों के बराबर हैं, बल्कि कई मामलों में उनसे आगे निकल रही हैं।

आज पंचायत की कई लड़कियां सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं, कुछ वकालत के क्षेत्र में अपना नाम कमा रही हैं, जबकि कई अन्य उच्च शिक्षा हासिल कर देश के विभिन्न हिस्सों में बेहतर करियर बना रही हैं।

शिक्षा के इस बढ़ते स्तर ने न केवल निरक्षरता दर को कम किया है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार लाया है। साथ ही, पंचायत में बन रहा पावर सब-स्टेशन भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

कुरमावां पंचायत की यह सफलता दिखाती है कि सही नीतियों, मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।

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