अक्सर हम सब हाई शुगर या डायबिटीज के बढ़ने का रोना रोते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खून में शुगर का कम होना उससे भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जी हां, डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स का तो यही कहना है। जब शरीर में ग्लूकोज का लेवल 70 एमजी/डीएल से नीचे चला जाता है, तो उसे ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ कहते हैं। और अगर ये खुदा-न-खास्ता 40-50 तक गिर गया, तो समझिये मामला बहुत गंभीर है।
असल में हमारा दिमाग ग्लूकोज के दम पर ही चलता है। जब शुगर कम होती है, तो दिमाग को बिजली नहीं मिलती, जिससे सोचने-समझने की शक्ति जवाब देने लगती है। आपको चक्कर आने लगेंगे, शरीर में कंपन होगा और पसीना छूटने लगेगा। कई बार तो आंखों के सामने धुंधलापन भी छा जाता है। ये सब शरीर के वो अलार्म हैं जो चीख-चीख कर कह रहे हैं कि भाई, शरीर में ईंधन कम हो रहा है!
खासकर जो लोग डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेते हैं, उन्हें बहुत चौकन्ना रहना चाहिए। दवा खा ली और खाना भूल गए, या ज्यादा कसरत कर ली, तो शुगर धड़ाम से गिर सकती है। लंबे समय तक खाली पेट रहना या बहुत ज्यादा टेंशन लेना भी आग में घी डालने जैसा है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो हाई शुगर तो शरीर को धीरे-धीरे खोखला करती है, लेकिन लो शुगर तो मिनटों में खेल खत्म कर सकती है। अगर किसी को ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत चीनी वाला पानी, ग्लूकोज या टॉफी खिला दें। 15 मिनट बाद फिर चेक करें। लेकिन याद रहे, अगर कोई बेहोश हो जाए तो उसके मुंह में कुछ न डालें, सीधे अस्पताल की ओर भागें। बस थोड़ा सा ध्यान और समय पर खाना ही इस मुसीबत से बचा सकता है।





