ईरान वार्ता के दौरान हुई घटना, राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में शनिवार शाम व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान समझौते को लेकर चर्चा में व्यस्त थे। गोलीबारी के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने पूरे इलाके को घेर लिया और सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए व्हाइट हाउस को बंद कर दिया गया।
मीडिया कर्मियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेजा गया
गोलीबारी की आवाज सुनते ही व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को तत्काल प्रेस ब्रीफिंग रूम में भेज दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने नॉर्थ लॉन और आसपास के हिस्सों को खाली करा लिया। करीब एक घंटे तक पूरे परिसर में हाई अलर्ट की स्थिति बनी रही।
गोलीबारी में दो घायल, संदिग्ध की मौत
अधिकारियों के मुताबिक घटना में एक राहगीर घायल हुआ, जबकि सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए संदिग्ध की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। एजेंसी ने बताया कि किसी भी सीक्रेट सर्विस एजेंट को नुकसान नहीं पहुंचा।
मारे गए संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में
जांच एजेंसियों ने मृत संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में की है। बताया गया कि जुलाई 2025 में भी उसका सीक्रेट सर्विस के साथ सामना हुआ था, जब उसने कथित तौर पर व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश की थी। उस समय उसे गिरफ्तार कर मनोरोग वार्ड भेजा गया था।
15 से 30 राउंड फायरिंग की आशंका
घटना आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के पास 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू इलाके में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार लगभग 15 से 30 राउंड फायरिंग हुई। पत्रकारों ने बताया कि शाम करीब 6 बजे गोलियों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- “हम तुरंत जमीन पर झुक गए”
व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद पत्रकार एम्मा निकोलसन ने बताया कि वह रिकॉर्डिंग की तैयारी कर रही थीं, तभी कई गोलियों की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत जमीन पर झुककर खुद को सुरक्षित किया। वहीं संवाददाता सेलिना वांग ने कहा कि गोलीबारी रुकने के बाद सभी लोग दौड़कर प्रेस ब्रीफिंग रूम में पहुंचे।
सीक्रेट सर्विस और एफबीआई ने शुरू की जांच
यूएस सीक्रेट सर्विस और एफबीआई ने घटना की जांच शुरू कर दी है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही एजेंसी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
संदिग्ध पर एजेंट्स को निशाना बनाने का आरोप
सूत्रों के अनुसार संदिग्ध ने सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को निशाना बनाकर गोली चलाई, लेकिन एजेंट्स ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। एजेंसी के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिएल्मी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने संदिग्धों के मंसूबों को विफल कर दिया।
पहले भी सामने आ चुकी हैं सुरक्षा चिंताएं
यह घटना व्हाइट हाउस पत्रकारों के डिनर के कुछ ही समय बाद हुई है, जब सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। उस दौरान भी कथित गोलीबारी के बाद अधिकारियों और पत्रकारों को सुरक्षा के लिए छिपना पड़ा था।






