हजारीबाग वन भूमि घोटाले में निलंबित आईएएस विनय चौबे को झारखंड हाई कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

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रांची, 28 अप्रैल। झारखंड हाई कोर्ट ने हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।

सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला

इससे पहले अदालत ने दोनों पक्षों—विनय चौबे और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)—की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।

वन भूमि की अवैध जमाबंदी का आरोप

मामला एसीबी द्वारा दर्ज कांड संख्या 11/2025 से जुड़ा है। आरोप है कि हजारीबाग में उपायुक्त (डीसी) रहते हुए विनय चौबे ने वन विभाग की पांच प्लॉटों वाली जमीन की नियमों के विरुद्ध जमाबंदी कराई।

बताया गया है कि यह जमीन गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी श्रेणी में दर्ज थी, जिसे वन संरक्षण अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की अनुमति के बिना गैर-वानिकी उपयोग में नहीं लाया जा सकता।

आपराधिक साजिश का आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित अधिकारियों और एक जमीन खरीदार ने मिलकर आपराधिक साजिश के तहत भूमि का मालिकाना हक बदलवाया।

पहले रद्द हो चुकी थी जमाबंदी

वर्ष 2013 में सभी विवादित जमाबंदियों को रद्द कर दिया गया था, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सही ठहराया था।

एसीबी ने दर्ज किया केस

एसीबी की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 25 सितंबर 2025 को राज्य सरकार से अनुमति लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/2025 के रूप में दर्ज है।

इस फैसले के बाद विनय चौबे को फिलहाल अदालत से कोई राहत नहीं मिली है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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