किशनगंज, 15 सितंबर । अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान के दौरान कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, संदिग्ध आचरण और वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के मामले में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
छापेमारी अभियान के दौरान मिली शिकायत
पुलिस कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 12 सितंबर को गलगलिया थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया था।
इसी दौरान वरीय अधिकारियों को थानाध्यक्ष राकेश कुमार के संदिग्ध आचरण और कार्यशैली में कथित रूप से भारी शिथिलता बरते जाने की गुप्त सूचना मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।
एसडीपीओ की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि
एसपी संतोष कुमार ने मामले की जांच का जिम्मा एसडीपीओ-2 को सौंपा। एसडीपीओ की ओर से प्रस्तुत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई।
रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राकेश कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
विभागीय जांच शुरू, स्पष्टीकरण मांगा गया
निलंबन के साथ ही थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनसे पूरे मामले में विधिवत स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
पुलिस के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सरकारी नियमों के तहत जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, मनमाना रवैया, अनुशासनहीनता या संदिग्ध आचरण को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
गैर-जिम्मेदाराना आचरण पर होगी कार्रवाई
एसपी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के गैर-जिम्मेदाराना आचरण में संलिप्त पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया।






