सुपौल, 15 जून: जिले में गरीब परिवारों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सुपौल के 7,154 बीपीएल परिवारों के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम से हुआ शुभारंभ
पटना स्थित विद्युत भवन से आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1,512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर संयंत्र लगाने का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही 1,278 करोड़ रुपये की विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी हुआ।
55 पंचायतों में शुरू होगा पहला चरण
सुपौल के सभी 11 प्रखंडों की 55 पंचायतों को योजना के पहले चरण में शामिल किया गया है। लाभार्थियों का सर्वेक्षण और सहमति पत्र लेने का कार्य जीविका दीदियों की मदद से पूरा किया जा चुका है। अब चयनित परिवारों के घरों पर चरणबद्ध तरीके से सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे।

हर महीने 125 यूनिट तक बिजली उत्पादन
प्रत्येक 1.1 किलोवाट क्षमता वाला सोलर संयंत्र हर महीने करीब 125 यूनिट बिजली उत्पादन करने में सक्षम होगा। इससे लाभार्थियों की घरेलू बिजली जरूरतें पूरी होंगी और बिजली बिल का बोझ भी कम होगा।
सरकार देगी अनुदान, एजेंसी करेगी रखरखाव
करीब 60 हजार रुपये की लागत वाले प्रत्येक संयंत्र पर केंद्र सरकार 33 हजार रुपये और राज्य सरकार 10 हजार रुपये का अनुदान देगी, जबकि शेष राशि एजेंसी द्वारा वहन की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन और 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी मेसर्स ओसवाल पम्प्स लिमिटेड को सौंपी गई है।
राजपुर पंचायत से शुरुआत
योजना की शुरुआत किशनपुर प्रखंड की राजपुर पंचायत से की जा रही है। इसके बाद अन्य चयनित पंचायतों में भी कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर
इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, बिजली खर्च कम करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग इसके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।






