–जांच में खुली बड़ी लापरवाही, मालखाने से जब्त सामान और वाहनों के पुर्जे भी गायब
सुपौल, 19 जून। बिहार में शराबबंदी और नशा विरोधी अभियान के बीच सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना मालखाने में जब्त कोडीन युक्त कफ सिरप की हजारों बोतलें गायब होने और उन्हें अवैध रूप से बेचने के आरोपों ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामले के खुलासे के बाद कई पुलिसकर्मियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विशेष जांच टीम की जांच में हुआ खुलासा
पुलिस मुख्यालय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष जांच टीम ने प्रतापगंज थाना के मालखाने का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि एक मामले में जब्त की गई 7560 कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलों में से 8 बोतलें एफएसएल जांच के लिए भेजी गई थीं।
इस आधार पर मालखाने में 7552 बोतलें मौजूद होनी चाहिए थीं, लेकिन जांच के दौरान वहां केवल 1390 बोतलें ही मिलीं। इस प्रकार कुल 6162 बोतलों के गायब होने की पुष्टि हुई।
दूसरी कंपनियों की नई बोतलें रखे जाने की आशंका
जांच टीम को मालखाने में 2842 ऐसी कफ सिरप बोतलें भी मिलीं, जिनका बैच नंबर, ब्रांड और निर्माण वर्ष मूल जब्त माल से अलग था। इनमें अधिकांश बोतलों का निर्माण वर्ष 2026 पाया गया।
इससे आशंका जताई जा रही है कि गायब स्टॉक की भरपाई दिखाने के लिए दूसरे ब्रांड की नई बोतलें मालखाने में रखी गई थीं। यह तथ्य जांच को और अधिक गंभीर बना रहा है।
जब्त वाहनों के सामान भी मिले गायब
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि थाना परिसर में जब्त वाहनों के टायर, ई-रिक्शा (टोटो) की बैटरियां, डायनेमो और अन्य उपकरण भी गायब थे।
मामले को और संदिग्ध तब माना गया जब संबंधित अवधि का सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। इससे जांच एजेंसियों को साक्ष्य मिटाने की आशंका भी है।
चौकीदार की पूछताछ में कई अहम खुलासे
गिरफ्तार चौकीदार राहुल कुमार से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। उसके अनुसार, त्रिवेणीगंज निवासी आशीष नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद मालखाने से कफ सिरप निकालकर बेचने का सिलसिला शुरू हुआ।
पूछताछ में अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि ये सभी इस अवैध गतिविधि में शामिल थे।
जांच के अनुसार, रात के समय मालखाने से कफ सिरप बाहर निकालकर सप्लाई की जाती थी और उससे प्राप्त राशि आपस में बांट ली जाती थी।
पहले भी बेचे गए थे जब्त सामान
पूछताछ के दौरान चौकीदार ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह पूर्व में भी जब्त शराब, कफ सिरप, बाइक के पार्ट्स और अन्य सामान बेच चुका है।
इसके अलावा एक लूटकांड में इस्तेमाल की गई बाइक को प्रभावशाली लोगों के दबाव में छोड़ने का आरोप भी जांच के दौरान सामने आया है।
थानाध्यक्ष निलंबित, चार आरोपी जेल भेजे गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं चौकीदार राहुल कुमार, अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसपी बोले- अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सुपौल के पुलिस अधीक्षक Sharath RS ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विशेष जांच कराई गई थी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य पुलिसकर्मियों तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- मालखाने से 6162 कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलें गायब।
- 2842 संदिग्ध बोतलें बरामद, बैच नंबर और ब्रांड अलग।
- जब्त वाहनों के टायर, बैटरियां और अन्य सामान भी गायब।
- थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार निलंबित।
- चार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
- एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज।
- मामले की विस्तृत जांच जारी, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में।






