वाराणसी में बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी अलर्ट, डीएम और मेयर से की बात; प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत देने के निर्देश

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वाराणसी, 03 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का अपडेट लिया। गुरुवार को प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और महापौर अशोक तिवारी से अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली।

डीएम से नदी के जलस्तर और राहत शिविरों की जानकारी ली

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री को वाराणसी में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने नदी के जलस्तर के साथ ही राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्रीय जल आयोग की राजघाट गेज साइट के अनुसार, गुरुवार दोपहर 12 बजे तक गंगा का जलस्तर 70.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। जलस्तर में प्रति घंटे करीब एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है।

युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश

प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी राहत सामग्री की अतिरिक्त आवश्यकता हो, वहां तत्काल उसकी व्यवस्था की जाए और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के कार्य में तेजी लाई जाए।

बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष जरूरतों का ध्यान रखने को कहा

प्रधानमंत्री ने बाढ़ और राहत कार्यों पर लगातार सतर्क नजर रखने तथा प्रभावित लोगों तक अविलंब सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए।

मेयर से राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक

इसके बाद प्रधानमंत्री ने महापौर अशोक तिवारी से बाढ़ राहत शिविरों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिविरों में खाद्य सामग्री और अन्य सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने महापौर से शिविरों में रह रहे लोगों के लिए खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविरों में शरण लिए नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

जनप्रतिनिधियों से समन्वय के साथ काम करने की अपील

प्रधानमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और नगर निगम के पार्षद आपसी समन्वय के साथ धरातल पर सक्रिय होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच लगातार सक्रिय रहें और पीड़ितों तक हरसंभव मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है और प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सकती है।

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