–सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला मार्च, सीबीआई जांच की उठी मांग
रांची, 11 अगस्त । जेपीएससी-जेएसएससी प्रकरण को लेकर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को छात्र और अभ्यर्थियों ने मौन जुलूस निकाला। जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह जुलूस अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।
मौन जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया और जेपीएससी-जेएसएससी प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिसकर्मियों को फूल देकर जताया विरोध
मौन जुलूस के दौरान छात्रों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को फूल देकर सम्मानित करने का प्रयास किया। छात्रों ने लाठीचार्ज के लिए पुलिसकर्मियों के प्रति प्रतीकात्मक रूप से आभार जताने के उद्देश्य से फूल पेश किए।

हालांकि, मौके पर मौजूद थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों ने छात्रों से फूल स्वीकार नहीं किए। छात्रों के इस अप्रत्याशित और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए असहज नजर आए।
हाथों में पोस्टर, सीबीआई जांच की मांग
जुलूस में शामिल कई छात्र हाथों में पोस्टर लेकर चल रहे थे। पोस्टरों के माध्यम से छात्रों ने जेपीएससी-जेएसएससी पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जा सके।

मोमबत्ती और मोबाइल की रोशनी में निकला जुलूस
मौन जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मोमबत्तियां लेकर चले। कई छात्रों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर भी जुलूस में हिस्सा लिया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाले गए इस मार्च में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।

‘कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं हुआ’
छात्रों ने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेपीएससी-जेएसएससी प्रकरण में निष्पक्ष जांच और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मौन जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई न्याय और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।






