रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे डीसी, एसएसपी, एडीएम, एसडीओ समेत प्रशासन के कई अधिकारी अचानक धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी से छात्रों में उन्हें जबरन हटाए जाने या हिरासत में लिए जाने की आशंका पैदा हो गई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र स्टेडियम में जुट गए और प्रशासन के सामने डटे रहे।
प्रशासन बोला- छात्रों को हटाने नहीं, हालचाल जानने पहुंचे थे अधिकारी
जिला प्रशासन ने छात्रों को जबरन हटाने या हिरासत में लेने की किसी कार्रवाई से इनकार किया। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हालचाल जानने और उन्हें कुछ खाने के लिए मनाने पहुंचा था, ताकि उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन आगे भी छात्रों से बातचीत और उन्हें समझाने का प्रयास करता रहेगा।
सिटी एसपी पारस राणा ने भी छात्रों को हिरासत में लिए जाने की बात से इनकार किया। उन्होंने बताया कि पहले हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद आंदोलन की कोर कमेटी ने कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई थी। इसी को देखते हुए पुलिस संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए मौके पर पहुंची थी।

पुलिस बोली- अफवाह के कारण बढ़ी हलचल
एसपी पारस राणा के मुताबिक, प्रशासनिक टीम के पहुंचने के दौरान कुछ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान यह अफवाह फैलने लगी कि पुलिस छात्रों को हिरासत में लेने आई है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी को हिरासत में लेने के लिए नहीं पहुंची थी।
भाजपा नेताओं ने पुलिस तैनाती पर उठाए सवाल
प्रशासनिक टीम के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे और छात्रों के समर्थन में खड़े नजर आए। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने देर रात बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को हटाने के लिए पुलिस कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी।
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने भी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार और प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो दिन के उजाले में खुले तौर पर करे। उन्होंने रात में स्टेडियम के आसपास पुलिस की तैनाती और कथित तौर पर स्ट्रीट लाइट बंद किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
देर रात तक जारी रही बातचीत
प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद देर रात तक छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत और हलचल का दौर जारी रहा। छात्रों ने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं प्रशासन ने छात्रों से आंदोलन शांतिपूर्ण बनाए रखने और किसी भी असामाजिक गतिविधि से दूर रहने की अपील की।
हालांकि देर रात तक छात्रों को धरनास्थल से हटाने या हिरासत में लेने जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

विधानसभा घेराव के बाद भी जारी है आंदोलन
गौरतलब है कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद डीसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों से आंदोलन समाप्त कर घर लौटने की अपील की थी। प्रशासन की ओर से छात्रों के लिए बसों की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से कहा गया था कि छात्रों की बात सुनी गई है और अब आंदोलन समाप्त किया जाना चाहिए।
हालांकि छात्रों ने आंदोलन खत्म करने के बजाय जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ही डटे रहने का फैसला किया। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।
आंदोलन में अब अभिभावक भी हो रहे शामिल
विधानसभा घेराव के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर मौजूद हैं। अब धीरे-धीरे छात्रों के अभिभावक भी आंदोलन में शामिल होने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक धरनास्थल छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव के बीच देर रात की घटना ने आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल और बढ़ा दी है।






