राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूछे दो सवाल- छात्रों पर कथित बल प्रयोग और ‘पैलेट गन’ के इस्तेमाल की मंजूरी किसने दी?

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नई दिल्ली, 26 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने पत्र को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर सवाल उठाए।

छात्रों पर बल प्रयोग का लगाया आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान घातक हथियारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को सबसे गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में कई घायल लोगों को देखा गया है, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। राहुल गांधी ने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि पैलेट गन से घायल होने के कारण उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा है।

गृह मंत्री से पूछे दो सवाल

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि अनुमति नहीं दी गई थी तो इसका आदेश किसने दिया।

उन्होंने सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठी चलाते दिख रहे लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक और उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी।

‘लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जरूरी’

राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी शिकायतों का समाधान बातचीत के माध्यम से करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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