—गुणवत्ता के आधार पर चार श्रेणियों में बांटी जाएंगी सड़कें, मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्राथमिकता होगी तय
रांची, 28 जुलाई। राजधानी रांची की सड़क व्यवस्था को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए नगर निगम ने रोड ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत निगम क्षेत्र की प्रमुख और आंतरिक सड़कों का सर्वे कर उनकी गुणवत्ता का आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों को मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है।
नगर निगम का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए उन सड़कों को प्राथमिकता देना है, जहां तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण की जरूरत है।
चार श्रेणियों में होगी सड़कों की पहचान
नगर निगम के अनुसार, सभी 53 वार्डों में जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता और संबंधित वार्डों की टीम सड़क सर्वेक्षण कर रही है। निरीक्षण के बाद सड़कों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा—
- गुड: ऐसी सड़कों पर केवल नियमित रखरखाव किया जाएगा।
- एवरेज: इन सड़कों पर पैचवर्क और सामान्य मरम्मत कराई जाएगी।
- पुअर: इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा।
- वेरी पुअर: ऐसी सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
ग्रेडिंग के आधार पर ही तय किया जाएगा कि किस सड़क पर पहले मरम्मत, पुनर्निर्माण या अन्य विकास कार्यों की जरूरत है। निगम का कहना है कि इससे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता आएगी और बजट का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
कांके रोड, हरमू बाइपास समेत प्रमुख मार्ग बनेंगे मॉडल कॉरिडोर
रांची के प्रमुख मार्गों को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके तहत कांके रोड, राम मंदिर से रातू रोड चौक, हरमू बाइपास, सिरमटोली सहित अन्य प्रमुख सड़कों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, फुटपाथ निर्माण, बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, हरियाली बढ़ाने, ड्रेनेज सुधार, ट्रैफिक प्रबंधन और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जाएंगे।
जलजमाव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर
रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नगर निगम और रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट मिलकर शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई महत्वपूर्ण सड़कों की ग्रेडिंग की जा रही है और उसी के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होगी। मानसून के दौरान जिन क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या सामने आती है और जहां बारिश के कारण सड़कें अधिक खराब होती हैं, उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिर्फ गड्ढों की मरम्मत नहीं, पूरे नेटवर्क को सुधारने का लक्ष्य
नगर आयुक्त ने कहा कि निगम का लक्ष्य केवल गड्ढों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि रांची के पूरे सड़क नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
रोड ग्रेडिंग सिस्टम और मॉडल कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की सड़क व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है। इससे नागरिकों को अधिक सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।






