नई दिल्ली, 03 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच चुके हैं। स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य और भरोसेमंद सप्लाई चेन दोनों देशों की साझा प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों देशों के बीच सैन्य एवं प्रशिक्षण सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ संबंधित एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने पर भी सहमति बनी है।
रक्षा और सैन्य सहयोग को मिलेगा नया विस्तार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं। सैन्य और प्रशिक्षण सहयोग को और मजबूत करने पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने का सहयोग भी बढ़ाया जाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन अमोनिया पर सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा दोनों देशों के सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभर रहा है। आंध्र प्रदेश के काकिनाड़ा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और बेल्जियम के बीच गुरुवार को एक समझौता भी हुआ है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने दुर्लभ खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे रणनीतिक खनिजों की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में दोनों देशों के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आईएमईसी से साझेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इस दिशा में बेल्जियम के आईएमईसी संस्थान को भारत के सेमीकंडक्टर तंत्र से जोड़ने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े बाजार एवं विनिर्माण आधार का संयोजन सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में काम करने का निर्णय लिया है। स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, तकनीक और विनिर्माण जैसे क्षेत्र इस आर्थिक साझेदारी को नई गति दे सकते हैं।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति का समर्थन
वैश्विक मुद्दों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम नियम आधारित व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। दोनों देश यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्ष की जल्द समाप्ति तथा शांति के प्रयासों का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम आतंकवाद के हर रूप को जड़ से समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। दोनों देशों का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर प्रभावी और समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
प्रथम विश्व युद्ध के बलिदान को किया याद
प्रधानमंत्री ने भारत-बेल्जियम संबंधों के ऐतिहासिक पक्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान दोनों देशों की साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। यह ऐतिहासिक जुड़ाव आज के भारत-बेल्जियम संबंधों को भी एक विशेष आधार प्रदान करता है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने बनाए रखी गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा आज दुनिया में भरोसा पैदा कर रही है। उन्होंने हाल में आए तिमाही विकास आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की जीडीपी 7.5 प्रतिशत की गति से बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है और खाद्य, ईंधन तथा सप्लाई चेन समेत विभिन्न क्षेत्रों में अनिश्चितता का प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है।






