रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को झारखंड मंत्रालय में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों मोहम्मद शाहिद आलम और सुशील प्रसाद ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में निवेश, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
निवेश और वैश्विक साझेदारी पर हुआ मंथन
बैठक में मुख्यमंत्री ने झारखंड में निवेश आकर्षित करने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और राज्य की विकास योजनाओं को वैश्विक सहयोग से जोड़ने की रणनीति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नए निवेश और विकास के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
कौशल विकास, पर्यटन और शिक्षा पर भी चर्चा
बैठक के दौरान प्रवासन एवं गतिशीलता (Migration and Mobility) साझेदारी, वन्यजीव पर्यटन के विकास, कौशल विकास, शिक्षा क्षेत्र में सहयोग और भारतीय प्रवासी समुदाय की भागीदारी जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था और राज्य की विकास यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
मिड-कैरियर ट्रेनिंग के तहत झारखंड दौरे पर हैं अधिकारी
उल्लेखनीय है कि भारतीय विदेश सेवा के 2010 बैच के अधिकारी मोहम्मद शाहिद आलम वर्तमान में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तथा सुशील प्रसाद नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों अधिकारी इन दिनों मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत झारखंड के दौरे पर हैं।
मुख्य सचिव भी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में राज्य के विकास को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने और वैश्विक स्तर पर झारखंड की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।






