नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में सक्रिय और सार्थक भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि तर्क और तथ्यों के आधार पर शांतिपूर्ण तरीके से भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है।
“हर विचार को मिले सम्मान”
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद की जिम्मेदारी है कि वहां होने वाली चर्चा समृद्ध हो, हर आवाज को स्थान मिले और सभी विचारों का सम्मान किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसद का सुचारू रूप से चलना और देश को आगे बढ़ाने वाली चर्चाएं होना समय की जरूरत है।
उन्होंने मानसून सत्र की तुलना वर्षा ऋतु से करते हुए कहा कि जैसे बारिश से उत्पादन बढ़ता है, वैसे ही संसद की सक्रियता से देश के विकास को गति मिलती है।
देश की उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एक महीने में देश की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया। इनमें राजस्थान में तेल रिफाइनरी का उद्घाटन, तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट की शुरुआत और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन शामिल हैं।
उन्होंने निजी क्षेत्र की उपलब्धि का जिक्र करते हुए स्काईरूट स्टार्टअप द्वारा रॉकेट लॉन्च को भारत के युवाओं की क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस स्टार्टअप में काम करने वालों की औसत आयु 28 वर्ष है, जो देश के युवाओं की असीम संभावनाओं को दर्शाता है।
“युवाओं की क्षमता अंतरिक्ष जितनी असीम”
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां भारत के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और वैश्विक स्तर पर देश की मजबूत पहचान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति (रिफॉर्म एक्सप्रेस) के कारण ही आज युवा इतने बड़े लक्ष्य हासिल कर पा रहे हैं।






