नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 19 जून को समाप्त सप्ताह में 96.3 करोड़ डॉलर (963 मिलियन डॉलर) बढ़कर 672.58 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में 9.98 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।
आरबीआई ने जारी किए ताजा आंकड़े
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जून को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 963 मिलियन डॉलर बढ़कर 672.58 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले के सप्ताह में यह 9.98 अरब डॉलर घटकर 671.62 अरब डॉलर पर आ गया था।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में आई कमी
आरबीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) इस अवधि में 3.07 अरब डॉलर घटकर 541.217 अरब डॉलर रह गईं।
स्वर्ण भंडार में हुआ उल्लेखनीय इजाफा
हालांकि, इस दौरान देश के स्वर्ण भंडार के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक गोल्ड रिजर्व 4.11 अरब डॉलर बढ़कर 107.93 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसने कुल विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एसडीआर और आईएमएफ रिजर्व में मामूली गिरावट
आरबीआई के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.2 करोड़ डॉलर घटकर 18.647 अरब डॉलर रह गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित निधि (Reserve Position) भी 2.2 करोड़ डॉलर घटकर 4.79 अरब डॉलर रह गई।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि भारत की बाहरी आर्थिक मजबूती का संकेत मानी जाती है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार आयात बिल का भुगतान करने, रुपये की स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।






