रांची : भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 27 जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नाम तय कर लिए हैं। औपचारिक घोषणा से पहले इन नामों को केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।
सोमवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी और राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में सभी जिलों के चुनाव पर्यवेक्षकों से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान जिलों में हुए संगठनात्मक विमर्श की विस्तृत जानकारी ली गई। पर्यवेक्षकों से यह भी पूछा गया कि किस नेता को कार्यकर्ताओं और मंडल स्तर पर सबसे अधिक समर्थन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही पर्यवेक्षकों की व्यक्तिगत और निष्पक्ष राय भी जानी गई।
सूत्रों के अनुसार प्रत्येक जिले से एक-एक नाम पर सहमति बनाई गई है। सभी जिलों के नाम तय होने के बाद लक्ष्मीकांत बाजपेयी और तरुण चुग देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि यह सूची राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा संगठन महामंत्री बीएल संतोष को सौंपी जाएगी। केंद्रीय नेतृत्व की सहमति मिलने के बाद दिसंबर समाप्त होने से पहले जिलाध्यक्षों के नामों की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
तय नाम का ही होगा नामांकन
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिलाध्यक्ष पद के लिए जिन नेताओं के नाम फाइनल किए गए हैं, उन्हीं का नामांकन कराया जाएगा। इससे चुनाव प्रक्रिया को औपचारिकता तक सीमित रखा जाएगा और संगठन में एकजुटता का संदेश जाएगा। जनवरी माह में जिलाध्यक्षों के नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
संगठनात्मक चुनाव में आई थी देरी
गौरतलब है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में पहले ही देरी हो चुकी है। हालांकि, हाल के दिनों में केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद प्रक्रिया में तेजी आई है। पार्टी इसे आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार से जोड़कर देख रही है।
प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा का रास्ता साफ
जिलाध्यक्षों के चुनाव पूर्ण होते ही भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा का रास्ता भी साफ हो जाएगा। पार्टी के भीतर इसे संगठन को नई ऊर्जा देने और आने वाले चुनावों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





