भोजपुर: कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में इस मुद्दे पर आज महापंचायत आयोजित की गई है, जिसमें बिहार समेत कई राज्यों से हजारों लोगों और विभिन्न संगठनों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। महापंचायत में आगे की कानूनी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
मां की मांग— दोषियों को फांसी
भरत तिवारी की मां ने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, “जिसने मेरे बेटे को मारा, उसे फांसी होनी चाहिए। मुझे न्याय चाहिए और सरकार को इसमें हमारी मदद करनी चाहिए।” उन्होंने विश्वास जताया कि पूरे राज्य का समर्थन उन्हें मिलेगा।
महापंचायत में कई राज्यों की भागीदारी
आयोजकों के अनुसार, बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों से लोग महापंचायत में शामिल हो रहे हैं। कुछ प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना जताई गई है।
एनकाउंटर पर सियासत तेज
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
- जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि किसी का एनकाउंटर उचित नहीं है और यदि कोई पुलिस के संपर्क में आता है तो उसे हिरासत में लिया जाना चाहिए।
- वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था और कुछ लोग इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम
14-15 जून को भरत तिवारी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार के साथ नजर आया। इसके बाद 17 जून को पुलिस उसके घर पहुंची।
परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे पटना भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जांच और FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
- एसडीपीओ, शाहपुर थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज
- परिवार का आरोप— भरत तिवारी को पांच गोलियां मारी गईं
निष्पक्ष जांच की मांग
परिवार और स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। महापंचायत के जरिए इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिसमें न्यायिक जांच के परिणाम पर सबकी नजरें टिकी हैं।






