पटना, 21 जुलाई। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। राजद, कांग्रेस, सीपीआई और एआईएमआईएम के विधायकों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, नीट पेपर लीक, बाढ़ और खराब सड़कों समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
पोस्टर और तख्तियों के साथ पहुंचे विधायक
विपक्षी विधायक विधानसभा के मुख्य द्वार से लेकर पोर्टिको तक पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कई तख्तियों पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
विधायकों ने “भ्रष्टाचार में नंबर वन बिहार” और “अपराध में नंबर वन बिहार” जैसे नारों के जरिए सरकार पर निशाना साधा।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
सीपीआई विधायक अजय कुमार ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सदन और जनता के सामने इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों में भय का माहौल बढ़ रहा है।
NEET पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर प्रदर्शन
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने NEET पेपर लीक, वोट चोरी और राम मंदिर चंदे से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और आम लोगों की आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
राजद ने सरकार को घेरा
प्रदर्शन के बाद राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने हाल के भारत तिवारी एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने राज्य सरकार की महिलाओं से जुड़ी आर्थिक सहायता योजना पर भी टिप्पणी करते हुए इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया कानून को लेकर भी विरोध
राजद विधायक राहुल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मुद्दों को उठाकर जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों को जमीन पर लागू करना भी आसान नहीं होगा।
AIMIM ने उठाया बाढ़ और खराब सड़कों का मुद्दा
इस बीच एआईएमआईएम विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में अलग प्रदर्शन किया। पार्टी के नेताओं ने बिहार में बाढ़ की स्थिति, जर्जर सड़कों, टूटे पुलों और खराब आधारभूत संरचना का मुद्दा उठाया।
उन्होंने सरकार से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने की मांग की। साथ ही खराब सड़कों और पुलों की जल्द मरम्मत कराने की भी मांग रखी।
मानसून सत्र में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन विपक्ष के प्रदर्शन से साफ है कि आने वाले दिनों में सदन के अंदर और बाहर सरकार-विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। विपक्ष जहां जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार की ओर से भी इन आरोपों का जवाब दिया जा रहा है।






