नीति आयोग की तर्ज पर बनेगा नया आयोग, हर जिले का अलग बजट प्लान और विधायकों के लिए समर्पित पोर्टल विकसित करने के निर्देश
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी एक राज्य स्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करेगा, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण करेगा, विकास योजनाओं की निगरानी करेगा तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन और पारदर्शिता के लिए विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों हेतु एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाए। इसके माध्यम से योजनाओं की जानकारी, अनुश्रवण और प्रगति का ऑनलाइन प्रबंधन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत निगरानी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राज्य के आकांक्षी जिलों के साथ-साथ सभी जिलों के लिए उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं के अनुरूप व्यापक विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक जिले के लिए अलग बजट योजना बनाने पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड के लिए भी दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी विकास योजना तैयार की जाए। उन्होंने वर्ष 2037, जब बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा, तक “विकसित बिहार” की स्पष्ट परिकल्पना और दीर्घकालिक विकास दृष्टि तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम संबंधी पूर्वानुमान और महत्वपूर्ण सूचनाएं सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं और जिला प्रशासन तक प्रतिदिन मैसेज एवं व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों से समय पर पहुंचाई जाएं, ताकि आपदा प्रबंधन और आवश्यक तैयारियां प्रभावी ढंग से की जा सकें।






